You Will Get Whatever you want!

Today’s Sunday Special story
You will get whatever you want

  A monk was camping on the side of the ghat.  There he would sit for the whole day with a sigh of relief and occasionally shout in a loud voice, You will get whatever you want!

The people passing through that road considered him insane.  They listened to him and listened to him and laughed at what he heard.

One day an unemployed youth was passing through that road.  The sound of the sadhu’s cry also reached his ears – You will get whatever you want! You will get whatever you want

Hearing this sentence, the young man came to the monk and started asking him, “Baba!  You will get whatever you want for a long time.  Can you really give me what I want?

The monk said, yes son, but first you tell me what do you want to get?

Dad!  I want to become a big diamond dealer one day.  Can you fulfill this wish of mine?  The young man spoke.

Absolutely son!  I will give you a diamond and a pearl, make as many diamonds and pearls as you want from it.  The monk spoke.  On hearing the words of the monk, the light of hope shone in the eyes of the young man.

Then the monk asked him to extend both his palms.  The young man put his palms in front of the monk.  The monk first placed his hand on one of his palms and said, “Son, this is the most precious diamond in this world.  This is called ‘time’.  Hold it tightly in your fist.  With this you can make as many diamonds as you want.  Don’t ever let it get out of your hands.

Then the monk placed his other hand on the other palm of the young man and said, “Son, this is the most precious pearl in the world.  This is called ‘patience’.  When the desired result is not achieved even after spending time in any work, then wear this pearl called patience.  If you have this pearl, you can achieve whatever you want in the world.

The young man carefully listened to the monk and thanked him and left from there.  He had got two gurumantras to achieve success.  He decided that he would never waste his time and would always work with patience.

After some time he started working with a big diamond merchant.  For a few years, he learned every trick of the business diligently and one day by making his dream come true with his hard work and dedication, he became a big diamond trader.

Lessons

Always keep diamonds and pearls named ‘Time’ and ‘Patience’ with you to achieve the goal.  Never let your time go to waste and do not give up on patience in difficult times. Success will definitely be achieved.

Be happy always
What is received is sufficient.

आज की कहानी

जो चाहोगे सो पाओगे

एक साधु घाट किनारे अपना डेरा डाले हुए था। वहाँ वह धुनी रमा कर दिन भर बैठा रहता और बीच-बीच में ऊँची आवाज़ में चिल्लाता, “जो चाहोगे सो पाओगे!”

उस रास्ते से गुजरने वाले लोग उसे पागल समझते थे. वे उसकी बात सुनकर अनुसना कर देते और जो सुनते, वे उस पर हँसते थे।

एक दिन एक बेरोजगार युवक उस रास्ते से गुजर रहा था. साधु की चिल्लाने की आवाज़ उसके कानों में भी पड़ी – “जो चाहोगे सो पाओगे!” “जो चाहोगे सो पाओगे!”.

ये वाक्य सुनकर वह युवक साधु के पास आ गया और उससे पूछने लगा, “बाबा! आप बहुत देर से जो चाहोगे सो पाओगे  चिल्ला रहे हो. क्या आप सच में मुझे वो दे सकते हो, जो मैं पाना चाहता हूँ?”

साधु बोला, “हाँ बेटा, लेकिन पहले तुम मुझे ये बताओ कि तुम पाना क्या चाहते हो?”

“बाबा! मैं चाहता हूँ कि एक दिन मैं हीरों का बहुत बड़ा व्यापारी बनूँ. क्या आप मेरी ये इच्छा पूरी कर सकते हैं?” युवक बोला।

“बिल्कुल बेटा! मैं तुम्हें एक हीरा और एक मोती देता हूँ, उससे तुम जितने चाहे हीरे-मोती बना लेना.” साधु बोला. साधु की बात सुनकर युवक की आँखों में आशा की ज्योति चमक उठी।

फिर साधु ने उसे अपनी दोनों हथेलियाँ आगे बढ़ाने को कहा. युवक ने अपनी हथेलियाँ साधु के सामने कर दी. साधु ने पहले उसकी एक हथेली पर अपना हाथ रखा और बोला, “बेटा, ये इस दुनिया का सबसे अनमोल हीरा है. इसे ‘समय’ कहते हैं. इसे जोर से अपनी मुठ्ठी में जकड़ लो. इसके द्वारा तुम जितने चाहे उतने हीरे बना सकते हो. इसे कभी अपने हाथ से निकलने मत देना।

फिर साधु ने अपना दूसरा हाथ युवक की दूसरी हथेली पर रखकर कहा, “बेटा, ये दुनिया का सबसे कीमती मोती है. इसे ‘धैर्य’ कहते हैं. जब किसी कार्य में समय लगाने के बाद भी वांछित परिणाम प्राप्त ना हो, तो इस धैर्य नामक मोती को धारण कर लेना. यदि यह मोती तुम्हारे पास है, तो तुम दुनिया में जो चाहो, वो हासिल कर सकते हो।

युवक ने ध्यान से साधु की बात सुनी और उन्हें धन्यवाद कर वहाँ से चल पड़ा. उसे सफ़लता प्राप्ति के दो गुरुमंत्र मिल गए थे. उसने निश्चय किया कि वह कभी अपना समय व्यर्थ नहीं गंवायेगा और सदा धैर्य से काम लेगा.

कुछ समय बाद उसने हीरे के एक बड़े व्यापारी के यहाँ काम करना प्रारंभ किया. कुछ वर्षों तक वह दिल लगाकर व्यवसाय का हर गुर सीखता रहा और एक दिन अपनी मेहनत और लगन से अपना सपना साकार करते हुए हीरे का बहुत बड़ा व्यापारी बना।

सीख

लक्ष्य प्राप्ति के लिए सदा ‘समय’ और ‘धैर्य’ नाम के हीरे-मोती अपने साथ रखें. अपना समय कभी व्यर्थ ना जाने दें और कठिन समय  में धैर्य का दामन ना छोड़ें।सफ़लता अवश्य प्राप्त होगी।

सदैव प्रसन्न रहिये।
जो प्राप्त है, पर्याप्त है।।

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