Don’t be afraid of difficulties.!

Don’t be afraid of difficulties

A long time ago, a craftsman went to a forest to find a stone to make an idol. There he found a very good stone to make the idol.

He took the stone and on his way back home, brought a stone along the side. On coming home, he started to work on that stone with a hammer and chisel to sculpt the good stone.

When the stone was hurt by the chisel and hammer of the craftsman, the stone groaned painfully and said to the craftsman, “Oh brother, this pain cannot be suffered by me, I will be scattered like this. Please make no other stone idol, please. “

The craftsman was pity on hearing that stone. He left that stone and started to fabricate another stone. The second stone did not say anything. The craftsman made a beloved god idol in a short time.

People from the nearby village came to take the finished idol. They were about to come out with the idol, but they thought that a stone would be needed to break the coconut, so they took the first stone there with them.

Taking the idol, he decorated it in the temple and also put the earlier stone in front.

Whenever a person came to visit the temple, they would offer a garland of flowers to the idol, bathed it with milk and worshiped it. And on the front stone, coconut breaks.

Now the earlier stone had to suffer every day.

He said to the stone with the idol, “You have fun.” Everyday flowers are decorated with garlands, you are worshiped every day. My bad luck is bad. Everyday people burst coconut and I have to bear the pain. “

Listening to the earlier stone, the stone turned idol said, “Look friend, if you had endured the pain of the hand of the craftsman on that day, today you would not have to see this day and you would have been at my place.” But you chose the easy way out, not withstanding the pain of a little time. Now you are facing the consequences.

Moral:
There are many difficulties in our life too. You also have to face a lot of pain. But we do not have to back down from fearing them, they have to face it firmly. These adversity will make us stronger. With which we will get closer to our destination.



कठिनाइयों से ना घबराएं

बहुत समय पहले की बात है एक शिल्पकार एक मूर्ति बनाने के लिए किसी जंगल में पत्थर ढूंढने के लिए गया। वहां उसे मूर्ति बनाने के लिए एक बहुत अच्छा पत्थर मिल गया।

वो पत्थर लेके वापस घर आते वक्त रास्ते में से एक ओर पत्थर साथ उठा लाया। घर आकर उसने अच्छे वाले पत्थर को मूर्ति बनाने के लिए हथौड़ी और छेनी से उस पत्थर पर कारीगरी करने लगा।

जब शिल्पकार की छेनी और हथौड़ी से पत्थर को चोट लगने लगी तो पत्थर ने दर्द से कराहते हुए शिल्पकार से बोला, “अरे भाई मेरे से यह दर्द सहा नहीं जाता, ऐसे तो मैं बिखर जाऊंगा। तुम किसी और पत्थर की मूर्ति बना दो ना प्लीज़।”

उस पत्थर की बात सुनकर शिल्पकार को दया आ गई। उसने उस पत्थर को छोड़कर दूसरे पत्थर की गढ़ाई करनी शुरू कर दी। दूसरे पत्थर ने कुछ भी नहीं बोला। शिल्पकार ने थोड़े ही समय में एक प्यारी सी भगवान की मूर्ति बना दी।

पास के गांव के लोग तैयार मूर्ति को लेने के लिए आए। मूर्ति को लेकर निकलने वाले थे लेकिन उन्हें ख्याल आया कि नारियल फोड़ने के लिए भी एक पत्थर की जरूरत होगी तो वहां पर रखा पहले वाला पत्थर भी उन्होंने अपने साथ ले लिया।

मूर्ति को ले जाकर उन्होंने मंदिर में सजा दिया और पहले वाले पत्थर को भी सामने रख दिया।

मंदिर में जब भी कोई व्यक्ति दर्शन करने आते तो मूर्ति पर फूल माला चढ़ाते, दूध से नहलाते और उसकी पूजा करते। और सामने वाले पत्थर पर नारियल फोड़ते हैं।

अब पहले वाले पत्थर को हर रोज दर्द सहना पड़ता था।

उसने मूर्ति वाले पत्थर से कहा,”तुम्हारे तो मजे है। रोज फूल माला से सजते हों, रोज तुम्हारी पूजा होती हैं। मेरी तो साला किस्मत ही खराब हैं। रोज लोग नारियल फोड़ते हैं और मेरे को दर्द सहना पड़ता है।”

पहले वाले पत्थर की बात सुनकर मूर्ति बने पत्थर ने कहा,”देख दोस्त अगर उस दिन तूने शिल्पकार के हाथ का दर्द सहा होता तो आज तुम्हें यह दिन नहीं देखना पड़ता और तुम मेरी जगह पर होते। लेकिन तुमने तो थोड़े से समय के दर्द को ना सहकर आसान वाले रास्ते को चुना। अब तुम उसका नतीजा भुगत रहे हो।

नैतिक
हमारे जीवन में भी कई कठिनाइयां आती है। बहुत सारा दर्द भी झेलना पड़ता है। लेकिन हमें इनसे डरकर पीछे नहीं हटना है, इनका डटकर मुकाबला करना है। यह विपरीत परिस्थितियां हमें और ज्यादा मजबूत बनाएगी। जिससे हम अपनी मंजिल के और ज्यादा करीब पहुंच जाएंगे।

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